स्टेट लेवल बैडमिंटन प्रतियोगिता में सीनियरों ने जमाया रंग
सीजी न्यूज़ 365.com
स्टेट लेवल प्रतियोगिता में सीनियर खिलाड़ियों के साथ-साथ नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करके कोरबा का नाम रोशन किया
प्रताप भट्टाचार्य( मुख्य रेफरी)
सिंगरौली से आए हैं उनका कहना है खिलाड़ियों के हिसाब से बेस्ट रिपोर्टिंग, टाइम मैनेजमेंट, और व्यवहार बहुत अच्छा है.
अभी हमारे पास स्टेट लेवल और नेशनल लेवल के अंपायर मौजूद है जो शेड्यूल के हिसाब से मैच करवा रहे हैं.
यहां करीब 202 खिलाड़ी भाग लें रहे हैं
जिसमें 175 पुरुष 32 महिला है.
इस टूर्नामेंट के इंफ्रास्ट्रक्चर में थोड़ा सा दिक्कत है
खासकर कोर्ट में थोड़ा सा दिक्कत है क्योंकि दो कोर्ट के हिसाब से जगह छोटी होने कारण मैच खेलते टाइम सभी लोग कोर्ट के आसपास घूमते हैं यह नही होना चाहिए
Pratap bhattacharya
आरपी विश्वकर्मा ( मारुति क्लिनिक कॉल एंड पावर लिमिटेड )
कोरबा में डायरेक्टर के पद पर हैं जिन्होंने बताया कि 12, 13 साल से शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बैडमिंटन खेल रहा हूं.
यहां की व्यवस्था बहुत अच्छी है, खिलाड़ियों के लिए सभी अरेंजमेंट बहुत अच्छा है.बैडमिंटन एसोसिएशन का धन्यवाद डॉ संजय अग्रवाल एवं उनकी टीम बहुत अच्छे तरीके से कार्य कर रही है ऐसी हर साल आयोजन करते रहे

- R. P. Vishswkarma
मनीषी सिंह( इंटरनेशनल खिलाड़ी)
जो रायपुर से है इन्होंने बताया कि थाइलैंड में अभी-अभी वर्ल्ड सीनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में इंडिया का प्रतिनिधित्व की थी.
अभी यह 24 सीजी स्टेट मास्टर बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन कोरबा के द्वारा किया जा रहा है
जिसमें जीतने वाले विजेता गोवा में 18 मार्च से होने वाले नेशनल मास्टर बैडमिंटन टूर्नामेंट में शामिल होंगे.
कोरबा में इस बार महिला पार्टिसिपेट की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.
कोरबा टीम का मैनेजमेंट बहुत ही अच्छा है प्लेयर के लिए सारी व्यवस्था ब्रेकफास्ट, लंच,डिनर सभी का ध्यान रखा जाता है.
रेफरी शेड्यूल समय में पूरा मैच करवा रहे हैं यह आयोजन 23 से 27 तक होगा.
हर साल खिलाड़ियों को इसका इंतजार होता है.
खिलाड़ियों को हारने के बाद भी सीख मिलती जीतने के बाद भी कुछ ना कुछ सीख मिलता हैं

Manishi Singh
स्वर्णपाल सिंह चावला
रायपुर के बिजनेसमैन
जो श्रीलंका में एक बार इंटरनेशनल खिलाड़ी के रूप में शामिल हो चुके हैं.
ये 35 साल से बैडमिंटन खेल रहे हैं.
बहुत ही अनुभवी हैं इनका कहना है कि अभी बैडमिंटन के प्रति लोगों में बहुत जागरूकता बढ़ी है
अब बच्चों को भी लोग बैडमिंटन के लिए भेजते हैं और हमारे उम्र के सभी लोग काम, व्यापार छोड़कर तीन-चार दिन के लिए यहां शामिल होते हैं.
जो जुनून खिलाड़ी में दिखता है वह बहुत ही अच्छा है.
बैडमिंटन के खिलाड़ी हमेशा स्वस्थ रहते हैं.
कोरबा में बहुत सारे खिलाड़ी हैं जो सीनियर ग्रुप में खेलते हैं और यहां की व्यवस्था बहुत ही शानदार है

Swarnpal Singh Chawla
जयंत देवांगन (दुर्ग )
भिलाई स्टील प्लांट से रिटायर होकर बैडमिंटन अकैडमी चलाते हैं.
नेशनल में 10 बार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं
वर्ल्ड चैंपियनशिप में बुल्गारिया, स्पेन, स्वीडन, कोरिया, थाईलैंड,पोलैंड में पार्टिसिपेट कर चुके हैं.
इन्होंने बताया कि कोरबा के खिलाड़ी समर्पित भाव से कार्य करते हैं और हर बार इनकी व्यवस्था बहुत अच्छे तरीके से होता है. जिसके कारण स्टेट लेवल का चैंपियनशिप कई बार आयोजन करने का मौका कोरबा को दिया गया

Jayant Dewangan
आर पी तिवारी
50 साल से बैडमिंटन खेल रहे हैं.
पहली बार स्टेट टूर्नामेंट में पार्टिसिपेट करेंगे इसके पहले कोंडागांव में दंतेवाड़ा, दिल्ली, गाजियाबाद में भाग लेते थे.
इन्होंने बताया कि यहां बहुत ही पारिवारिक माहौल है, जो खेलने और देखने में बहुत अच्छा लगता है.
ऑर्गेनाइजिंग टीम बहुत ही अच्छी है.
और कोरबा का नाम हमेशा से नंबर बन रहा है.
किसी भी प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर कोरबा का नाम जरूर आता है.
सभी प्लास्टिक शटल से सभी खेलते हैं.
लेकिन यहां फेदर शटल से खेल रहे हैं.
यह बहुत अच्छी बात है.

R. P. Tiwari
अशोक शर्मा (नेशनल प्लेयर)
स्कूल कॉलेज में हॉकी के बहुत अच्छे प्लेयर थे.
40 साल के बाद बैडमिंटन खेलना चालू किया.
1990 से फिटनेस के लिए बैडमिंटन चालू किया जो 2008 तक लगातार खेलते रहे फिर मेडिकल प्रॉब्लम आने की वजह से 15 साल तक नहीं खेल पाए।
इसके बावजूद कोरबा बैडमिंटन क्लब में 2000 से 2025 तक क्लब के अध्यक्ष रहे और कोरबा में वीर सावरकर भवन,मनोरंजन गृह में बैडमिंटन कोर्ट बनवाया.
उसके बाद फिर रेनू अग्रवाल जी के महापौर कार्यकाल में दो कोर्ट का निर्माण किया गया, जो बहुत शानदार है।इसके लिए पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल जी ने बहुत सहयोग किया.
हमारे टाइम के खिलाड़ी खड़क बहादुर जो रायपुर में 25 से 30 साल छत्तीसगढ़ में और कोरबा में नंबर वन प्लेयर रहे हैं.
अभी भी 70 प्लस में खेल रहे हैं।
कोरबा मे स्टेट टूर्नामेंट का आयोजन लगभग 8 से 10 बार हो चुका है, जो बहुत ही अच्छे तरीके से किया जाता है।बैडमिंटन बहुत महंगा खेल है, इसमें नए बच्चों को आने के लिए प्रशासन को सहयोग करना चाहिए ताकि नए बच्चे प्रोत्साहित होकर इस बैडमिंटन खेल को अपनाये।

Ashok Sharma

